गांव की एकजुटता ने कर दिखाया कमाल ! खैरा के हर घर तक पहुंची सौर ऊर्जा, महिला समूहों ने निभाई निर्णायक भूमिका
राजनांदगांव। किसी गांव की तरक्की केवल सड़क, भवन और दूसरी बुनियादी सुविधाओं से नहीं मापी जाती, बल्कि यह भी देखा जाता है कि वहां विकास की योजनाओं का लाभ आम परिवारों तक कितना पहुंच रहा है। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले का खैरा गांव इस मामले में एक नई पहचान बना रहा है। यहां के सभी 141 घरों में सोलर पैनल स्थापित कर दिए गए हैं। इस उपलब्धि के बाद गांव को देश का पहला 100 प्रतिशत सोलर गांव बताया जा रहा है।
महिला समूहों ने घर-घर पहुंचाया योजना का संदेश
खैरा की इस उपलब्धि के पीछे महिलाओं की भागीदारी एक महत्वपूर्ण पहलू है। पीएम सूर्य सखियों ने ग्रामीणों को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के बारे में बताया। उन्होंने लोगों को आवेदन प्रक्रिया समझाने और जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने में सहायता की। संगीता साहू सहित स्थानीय महिला कार्यकर्ताओं ने इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई।
पद्मश्री फुलबासन बाई यादव के महिला समूह नेटवर्क ने भी ग्रामीण परिवारों को योजना से जोड़ने में सहयोग किया। बैंक शिविरों और ग्राम बैठकों के जरिए लोगों की समस्याओं का समाधान करने तथा जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।
सरकारी सहायता और CSR का मिला साथ
करीब 889 की आबादी वाले गांव के प्रत्येक घर में 2 किलोवाट क्षमता का सोलर सिस्टम लगाया गया है। इस प्रकार कुल 282 किलोवाट की स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता तैयार हुई है। इस परियोजना में ग्रामीणों को अपनी जेब से कोई राशि खर्च नहीं करनी पड़ी। केंद्र और राज्य सरकार की सब्सिडी के बाद शेष खर्च CSR के माध्यम से पूरा किया गया।
गरीब परिवारों को भी मिली प्राथमिकता
गांव के 141 परिवारों में 93 परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के हितग्राही हैं। इनमें अनुसूचित जनजाति के 21 और अनुसूचित जाति के 4 परिवार शामिल हैं। इस पहल ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी स्वच्छ ऊर्जा की सुविधा उपलब्ध कराने का रास्ता बनाया।
सामूहिक प्रयासों से तैयार हुई नई पहचान
नेट मीटरिंग के माध्यम से अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजी जा सकती है, जिससे परिवारों को बिजली बिल में राहत मिलने की उम्मीद है। सरपंच भूपेंद्र यादव और ग्रामीणों के सामूहिक प्रयासों ने इस अभियान को सफल बनाया। खैरा की कहानी केवल सोलर पैनल लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण, सामाजिक भागीदारी और स्वच्छ ऊर्जा के संगम की मिसाल भी है।

