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अब बच्चों तक पहुंचेगा स्कूल, सांचरखुटरा में शुरू हुई विशेष शिक्षण व्यवस्था

रायपुर, 26 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों के बच्चों तक शिक्षा, पोषण और मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसी कड़ी में गौरेला विकासखंड की ग्राम पंचायत पूटा के आश्रित वनांचल बसाहट सांचरखुटरा में विशेष पिछड़ी पंडो जनजाति के बच्चों की शिक्षा प्रभावित होने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की है।

कलेक्टर विजय दयाराम के. के निर्देश पर अब गांव में ही बच्चों की पढ़ाई और मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था की गई है। बरसात के मौसम में दुर्गम रास्तों के कारण बच्चों को विद्यालय पहुंचने में होने वाली कठिनाइयों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया, जिससे उनकी पढ़ाई बिना किसी बाधा के जारी रह सके।

शिक्षा विभाग द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला पूटा के सहायक शिक्षक चंद्रभान सिंह उइके एवं रणवीर सिंह बैगा की ड्यूटी रोस्टर के आधार पर सांचरखुटरा में लगाई गई है। दोनों शिक्षक अपनी मूल शाला में उपस्थिति दर्ज कराने के बाद प्रतिदिन रोस्टर के अनुसार गांव पहुंचकर सामुदायिक भवन एवं आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को नियमित रूप से पढ़ाएंगे।

बच्चों के पोषण को ध्यान में रखते हुए शासकीय प्राथमिक शाला पूटा से आवश्यक खाद्य सामग्री नियमित रूप से सांचरखुटरा भेजी जाएगी। आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से बच्चों को प्रतिदिन गर्म एवं पौष्टिक मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि शिक्षा के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य और पोषण का भी समुचित ध्यान रखा जा सके।

कलेक्टर विजय दयाराम के. ने कहा कि जिले के दूरस्थ, वनांचल और विशेष पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी बच्चे की पढ़ाई भौगोलिक कठिनाइयों, मौसम की चुनौतियों या संसाधनों की कमी के कारण प्रभावित नहीं होने दी जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन, समावेशी विकास और अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के संकल्प के अनुरूप जिला प्रशासन की यह पहल यह संदेश देती है कि प्रदेश सरकार शिक्षा को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है और आवश्यकता पड़ने पर शासन स्वयं बच्चों तक पहुंचकर उनके भविष्य को संवारने का कार्य कर रहा है।

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